❖ राजस्थान के उद्योग
➤ उद्योगों का वर्गीकरण
| उद्योग का प्रकार | प्रमुख उद्योग |
|---|---|
| खनिज आधारित उद्योग | सीमेन्ट उद्योग, सीसा-जस्ता उद्योग, संगमरमर उद्योग, लोहा, ताँबा, काँच, प्लास्टर ऑफ पेरिस, जिप्सम आधारित उद्योग |
| कृषि आधारित उद्योग | सूती वस्त्र उद्योग, चीनी उद्योग, खाद्य तेल उद्योग, खाण्डसारी उद्योग, भुजिया-पापड़ उद्योग, तम्बाकू उद्योग |
| वन आधारित उद्योग | कागज उद्योग, माचिस उद्योग, लाख उद्योग, रबर उद्योग |
| लघु एवं कुटीर उद्योग | आटा, तेल घानी, गुड़, खादी, हथकरघा, रंगाई-छपाई, बंधेज, चमड़ा तथा हाथ कागज उद्योग |
राजस्थान में सर्वाधिक विकास की संभावनाएँ खनिज आधारित उद्योगों में हैं।
❖ सूती वस्त्र उद्योग
- यह राजस्थान का सबसे प्राचीन एवं संगठित उद्योग है।
- भारत में सर्वाधिक सूती वस्त्र मिलें महाराष्ट्र एवं गुजरात में स्थित हैं।
- भारत का मैनचेस्टर — अहमदाबाद
- राजस्थान का मैनचेस्टर (वस्त्र नगरी) / टेक्सटाइल सिटी — भीलवाड़ा
- राजस्थान का नवीन मैनचेस्टर — भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा)
- सूती वस्त्र उद्योग हेतु कच्चा माल (कपास) मुख्यतः हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर से प्राप्त होता है।
➤ राजस्थान की प्रमुख सूती वस्त्र मिलें
- दी कृष्णा मिल्स लिमिटेड — ब्यावर
- यह राजस्थान की प्रथम सूती वस्त्र मिल तथा निजी क्षेत्र की मिल है।
- इसकी स्थापना दामोदर दास राठी द्वारा 1889 में की गई।
- एडवर्ड मिल्स — ब्यावर (1906)
- महाराजा उम्मेदसिंह मिल्स — पाली
- यह 1939 में सार्वजनिक कम्पनी बन गई।
- यह राजस्थान की सबसे बड़ी सूती वस्त्र मिल है।
- महलक्ष्मी मिल्स लिमिटेड — ब्यावर (1925)
- विजयनगर कॉटन मिल्स — विजयनगर (ब्यावर) (1932)
- मेवाड़ टेक्सटाइल मिल्स — भीलवाड़ा (1938)
- सार्दुल टेक्सटाइल लिमिटेड — श्रीगंगानगर (1946)
- आदित्य मिल्स लिमिटेड — किशनगढ़ (अजमेर)
- राजस्थान स्पिनिंग एंड वीविंग मिल्स (मयूर सूटिंग) — गुलाबपुरा (भीलवाड़ा)
- माणिक्यलाल वर्मा टेक्सटाइल इंस्टीट्यूट — भीलवाड़ा
- राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स — भवानीमंडी (झालावाड़)
- गोपाल इंडस्ट्रीज मिल्स — कोटा
- राजस्थान कोऑपरेटिव मिल्स — गुलाबपुरा (भीलवाड़ा)
- वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने हेतु सर्वप्रथम कम्प्यूटर एडेड डिजाइन सेन्टर की स्थापना भीलवाड़ा में की गई।
- कम्प्यूटर एडेड कारपेट डिजाइन सेन्टर — जयपुर
❖ चीनी उद्योग
- यह कृषि आधारित दूसरा बड़ा उद्योग है।
- चीनी उद्योग एक मौसमी उद्योग है।
- इसके प्रमुख कच्चे माल हैं — गन्ना, चुकन्दर, ईंधन, चूना पत्थर तथा सल्फर।
➤ प्रमुख चीनी मिलें
➻ द मेवाड़ शुगर मिल्स लिमिटेड — भोपालसागर (चित्तौड़गढ़)
- इसकी स्थापना 1932 में निजी क्षेत्र में मेवाड़ इंडस्ट्रीज नाम से की गई।
- 1940 में इसका नाम बदलकर मेवाड़ शुगर मिल्स लिमिटेड रखा गया।
- यह राजस्थान की प्रथम शुगर मिल है।
➻ राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल (RSGSM) — श्रीगंगानगर
- इसकी स्थापना 1945 में बीकानेर इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन लिमिटेड के नाम से निजी क्षेत्र में हुई।
- 1956 में राजस्थान सरकार द्वारा अधिग्रहण के बाद यह सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम बन गया।
- यहाँ 1968 में चुकन्दर से चीनी निर्माण प्रारम्भ किया गया।
- इस मिल में शराब निर्माण का कार्य भी किया जाता है।
➻ केशवरायपाटन सहकारी शुगर मिल — बूंदी (1965)
- यह सहकारी क्षेत्र की मिल थी।
❖ काँच एवं सिरेमिक उद्योग
- काँच उद्योग का प्रमुख कच्चा माल काँच बालूका (सिलिका सैण्ड) है।
➤ प्रमुख इकाइयाँ
➻ धौलपुर ग्लास वर्क्स — धौलपुर
- यह GSM हेतु काँच की बोतलों का निर्माण करती है।
➻ दी हाई टेक्नीकल प्रीसीजन ग्लास वर्क्स — धौलपुर
- यह सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी है।
- यह गंगानगर शुगर मिल्स के अधीन कार्य करती है।
➻ सेमेकोर ग्लास इंडस्ट्रीज — कोटा
➻ सेन्ट गोबेन ग्लास फैक्ट्री — कहरानी (भिवाड़ी)
➻ इमर्ज ग्लास फैक्ट्री — बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़)
- सिरेमिक्स सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना बीकानेर एवं उदयपुर में की जाएगी।
❖ सीमेन्ट उद्योग
- भारत में सीमेन्ट उत्पादन में राजस्थान प्रथम स्थान पर है।
- सीमेन्ट उद्योग हेतु आवश्यक कच्चा माल चूना पत्थर एवं जिप्सम राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
- राजस्थान में सर्वाधिक सीमेन्ट उत्पादन चित्तौड़गढ़ में होता है।
- निकट भविष्य में सर्वाधिक संभावनाएँ जैसलमेर में हैं।
- प्रमुख सीमेन्ट उत्पादक जिले हैं — चित्तौड़गढ़, ब्यावर, नागौर, सिरोही एवं कोटा।
➤ प्रमुख सीमेन्ट कारखाने
- A.C.C. (एसोसिएट सीमेन्ट कम्पनी) लिमिटेड — लाखेरी (बूंदी)
- यह राजस्थान का प्रथम सीमेन्ट कारखाना है।
- इसकी स्थापना 1915 में की गई।
- जयपुर उद्योग लिमिटेड — सवाई माधोपुर
- यह राजस्थान का दूसरा सीमेन्ट कारखाना है।
- इसकी स्थापना 1953 में की गई।
- यह एशिया का सबसे बड़ा सीमेन्ट कारखाना है।
- अम्बुजा सीमेन्ट लिमिटेड — राबड़ियावास (ब्यावर)
- अल्ट्राटेक सीमेन्ट — सिरोही
- बिड़ला सीमेन्ट वर्क्स एवं चन्देरिया सीमेन्ट वर्क्स — चित्तौड़गढ़
- J.K. सीमेन्ट — निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़)
- J.K. लक्ष्मी सीमेन्ट — सिरोही
- लाफार्ज इंडिया लिमिटेड — निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़)
- मंगलम सीमेन्ट — मोड़क (कोटा)
- राजश्री सीमेन्ट — खारिया मीठापुर (नागौर)
- आदित्य सीमेन्ट लिमिटेड — चित्तौड़गढ़
- श्री सीमेन्ट लिमिटेड — ब्यावर
- श्रीराम सीमेन्ट वर्क्स — कोटा
➤ सफेद सीमेन्ट के कारखाने
- J.K. व्हाइट सीमेन्ट वर्क्स — गोटन (नागौर)
- यह राजस्थान का प्रथम सफेद सीमेन्ट कारखाना है।
- इसे J.K. बिड़ला व्हाइट सीमेन्ट कम्पनी द्वारा 1984 में स्थापित किया गया।
- बिड़ला व्हाइट सीमेन्ट — खारिया खंगार (जोधपुर)
- इसकी स्थापना 1988 में हुई।
- यह राजस्थान का दूसरा तथा सफेद सीमेन्ट का सबसे बड़ा कारखाना है।
- J.K. व्हाइट सीमेन्ट — मांगरोल (चित्तौड़गढ़)
❖ ऊन उद्योग
- ऊन उत्पादन में राजस्थान का प्रथम स्थान (47.98%) है।
➤ प्रमुख संस्थान एवं इकाइयाँ
- स्टेट वूलन मिल्स — बीकानेर
- यह राज्य सरकार का उपक्रम है।
- जोधपुर ऊन फैक्ट्री — जोधपुर
- वस्टेंड स्पिनिंग मिल्स — चूरू एवं लाडनूं
- एशिया की सबसे बड़ी ऊन मंडी — बीकानेर
- अखिल भारतीय ऊन विकास बोर्ड — जोधपुर
- विदेशी आयात-निर्यात संस्थान — कोटा
❖ कागज उद्योग
- हाथ से कागज बनाने का कारखाना — सांगानेर (जयपुर)
- हाथ से कागज बनाने का प्राचीन केन्द्र — घोसुण्डा (चित्तौड़गढ़)
❖ नमक उद्योग
- राजस्थान में सर्वाधिक नमक उत्पादन नागौर, जोधपुर एवं अजमेर में होता है।
- नमक विभाग का मुख्यालय — जयपुर
➻ राजस्थान स्टेट केमिकल वर्क्स — डीडवाना
- यह एक राजकीय उपक्रम है।
➤ यहाँ स्थापित प्रमुख इकाइयाँ
- सोडियम सल्फेट संयंत्र
- सोडियम सल्फाइड संयंत्र
- सोडियम सल्फाइड का उपयोग चमड़ा उद्योग में कच्चे माल के रूप में किया जाता है।
- आयोडाइजेशन संयंत्र
❖ टायर उद्योग
- J.K. टायर — कांकरोली (राजसमंद)
- यह राजस्थान का सबसे बड़ा टायर कारखाना है।
- श्रीराम टायर कारखाना — कोटा
❖ उर्वरक उद्योग
➤ राजस्थान के प्रमुख उर्वरक कारखाने
- राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड — चंदेरिया (चित्तौड़गढ़)
- यह राजस्थान का प्रथम डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट) खाद कारखाना है।
- चम्बल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स — गढ़ेपान (कोटा)
- यह निजी क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा यूरिया खाद निर्माण संयंत्र है।
- श्रीराम केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स — श्रीरामनगर (कोटा)
- राजस्थान एक्सप्लोसिव एंड केमिकल्स लिमिटेड — धौलपुर
- सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट — अलवर
- ज्योति ट्रिपल सुपर फास्फेट — खेतड़ी (झुंझुनूं)
❖ रेशम उद्योग
- रेशम के कीटों के पालन को सेरीकल्चर (Sericulture) कहा जाता है।
- सर्वाधिक रेशम उत्पादन / टसर कृषि वाले जिले — उदयपुर एवं बाँसवाड़ा
➤ टसर योजना
- यह योजना उदयपुर, कोटा एवं बाँसवाड़ा जिलों में लागू की गई है।
❖ राजस्थान में केन्द्र सरकार द्वारा स्थापित उपक्रम
- हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड — देबारी (उदयपुर)
- हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड — खेतड़ी (झुंझुनूं)
- हिन्दुस्तान मशीन टूल्स (HMT) — अजमेर (1967)
- इसकी स्थापना चेकोस्लोवाकिया की सहायता से की गई।
- इन्स्ट्रूमेंटेशन लिमिटेड — कोटा (1964)
- यहाँ मशीनों एवं यंत्रों का निर्माण किया जाता था।
- मॉडर्न बेकरिज इंडिया लिमिटेड — जयपुर (1965)
- यह ब्रेड निर्माण का कारखाना है।
- राजस्थान ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड — जयपुर (1978)
- राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड — चंदेरिया
- राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन लिमिटेड — जयपुर (1981)
❖ अन्य उद्योगों की प्रमुख जानकारी
| उद्योग / कम्पनी | स्थान | विशेष जानकारी |
|---|---|---|
| वनस्पति घी का पहला कारखाना | भीलवाड़ा | राजस्थान में वनस्पति घी का पहला कारखाना 1964 में स्थापित किया गया। |
| इंजन छाप सरसों तेल | भरतपुर | भरतपुर का प्रसिद्ध सरसों तेल ब्राण्ड है। |
| वीर बालक छाप तेल | जयपुर | जयपुर का प्रसिद्ध तेल ब्राण्ड है। |
| अशोक लीलैण्ड ट्रक कारखाना | अलवर | अलवर में स्थित है। |
| हैवेल्स केबल फैक्ट्री | अलवर | केबल निर्माण इकाई है। |
| जयपुर मेटल्स एंड इलेक्ट्रिकल्स | जयपुर | बिजली के मीटर निर्माण की कम्पनी है। |
| कैप्सटन मीटर कम्पनी | जयपुर एवं पाली | पानी के मीटर निर्माण की कम्पनी है। |
| सिमको वैगन फैक्ट्री | भरतपुर | वैगन निर्माण इकाई है। |
| नेशनल इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड | जयपुर | बॉल बियरिंग निर्माण कम्पनी है। इसका पुराना नाम नेशनल बियरिंग कम्पनी था। |
| फ्लोर्सपार संयंत्र | डूंगरपुर | फ्लोर्सपार उत्पादन संयंत्र स्थित है। |
| पारले बिस्किट फैक्ट्री | नीमराणा (कोटपूतली-बहरोड़) | बिस्किट निर्माण इकाई है। |
| भुजिया-पापड़ उद्योग | बीकानेर | बीकानेर का प्रसिद्ध उद्योग है। |
| स्टेट टेनरीज लिमिटेड | टोंक | चमड़ा उद्योग से संबंधित इकाई है। |
| हिन्दुस्तान रेडियेटर्स | जोधपुर | रेडियेटर निर्माण इकाई है। |
❖ विशेष औद्योगिक पार्क
| औद्योगिक पार्क / जोन | स्थान | विशेष जानकारी |
|---|---|---|
| जापानी पार्क / जापानी जोन | नीमराणा (कोटपूतली-बहरोड़) | जापानी कम्पनी मित्सुबिशी ने नीमराणा में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हेतु रीको के साथ समझौता किया। |
| साउथ कोरियन इंडस्ट्रियल जोन | घीलोट (नीमराणा) | दक्षिण कोरियाई औद्योगिक इकाइयों के लिए विकसित क्षेत्र है। |
| जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क | सीतापुरा (जयपुर) | रत्न एवं आभूषण उद्योग हेतु विकसित पार्क है। |
| इंटीग्रेटेड रिसोर्स रिकवरी पार्क | जमवारामगढ़ (जयपुर) | संसाधन पुनर्प्राप्ति एवं प्रबंधन हेतु विकसित पार्क है। |
| स्पोर्ट्स गुड्स एंड टॉयज जोन | खुशखेड़ा (खैरथल-तिजारा) | खेल सामग्री एवं खिलौना उद्योग हेतु विकसित जोन है। |
| मेडटेक मेडिकल डिवाइस पार्क | बोरानाडा (जोधपुर) | चिकित्सा उपकरण निर्माण हेतु विकसित पार्क है। |
❖ रीको द्वारा विकसित नए औद्योगिक क्षेत्र
| औद्योगिक क्षेत्र | जिला |
|---|---|
| नाडोल | पाली |
| धर्मपुरा | बाड़मेर |
| उमरिया | झालावाड़ |
| माल की तूस | उदयपुर |
❖ एग्रो फूड पार्क
- कृषि उद्योगों के विकास हेतु रीको द्वारा 4 कृषि खाद्य (एग्रो फूड) पार्कों की स्थापना की गई है।
| एग्रो फूड पार्क | स्थान |
|---|---|
| प्रथम | रानपुरा (कोटा) |
| द्वितीय | बोरानाडा (जोधपुर) — सबसे बड़ा |
| तृतीय | अलवर |
| चतुर्थ | उद्योग विहार (श्रीगंगानगर) — सबसे छोटा |
❖ विशेष औद्योगिक पार्क एवं संस्थान
| औद्योगिक पार्क / संस्थान | स्थान | विशेष जानकारी |
|---|---|---|
| ग्रीनटेक मेगा फूड पार्क | रूपनगढ़ (अजमेर) | राजस्थान का पहला मेगा फूड पार्क है। मार्च 2018 में इसका उद्घाटन केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने किया। |
| मेगा फूड पार्क | मथानिया (जोधपुर) | निर्माण कार्य चल रहा है। |
| मेगा फूड पार्क | पलाना (बीकानेर) | प्रस्तावित है। |
| राजस्थान का प्रथम स्पाइस पार्क (मसाला पार्क) | रामपुरा भाटियान (जोधपुर) | राजस्थान का पहला स्पाइस पार्क है। |
| राजस्थान का द्वितीय स्पाइस पार्क | रामगंज मंडी (कोटा) | राजस्थान का दूसरा स्पाइस पार्क है। |
| स्टोन पार्क (आयामी पत्थर) | विशिनोदा (धौलपुर), मंडोर (जोधपुर), सिकन्दरा (दौसा), मंडाना (कोटा), मासलपुर (करौली), निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़), बूँदी | आयामी पत्थर उद्योग हेतु विकसित पार्क हैं। |
| बायो टेक्नोलॉजी पार्क | सीतापुरा (जयपुर), चोपांकी (भिवाड़ी, खैरथल-तिजारा) | जैव प्रौद्योगिकी उद्योग हेतु विकसित पार्क हैं। |
| राजीव गाँधी फिनटेक डिजिटल इंस्टीट्यूट | जोधपुर | फिनटेक एवं डिजिटल क्षेत्र से संबंधित संस्थान है। |
| होजियरी कॉम्प्लेक्स | चोपांकी (खैरथल-तिजारा) | होजियरी उद्योग हेतु विकसित कॉम्प्लेक्स है। |
| इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र | कोटा | औद्योगिक क्षेत्र है। |
| साइबर पार्क | जोधपुर | सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र हेतु विकसित पार्क है। |
| सिरेमिक्स पार्क | खारा (बीकानेर) | सिरेमिक उद्योग हेतु विकसित पार्क है। |
| सूचना प्रौद्योगिकी पार्क | सीतापुरा (जयपुर) | आईटी क्षेत्र हेतु विकसित पार्क है। |
| प्लग एंड प्ले जोन | सीतापुरा (जयपुर) | उद्योग स्थापना हेतु विकसित जोन है। |
| सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क | कनकपुरा (जयपुर) | सॉफ्टवेयर उद्योग हेतु विकसित पार्क है। |
| चमड़ा कॉम्प्लेक्स | मानपुरा मोचड़ी (जयपुर) | चमड़ा उद्योग हेतु विकसित कॉम्प्लेक्स है। |
| सेन्ट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजिनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी | जयपुर | प्लास्टिक इंजिनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान है। |
| DRDO उद्योग अकादमिक उत्कृष्टता केन्द्र | जोधपुर | रक्षा अनुसंधान एवं अकादमिक सहयोग से संबंधित केन्द्र है। |
| फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट | जोधपुर | फुटवियर डिजाइन एवं विकास संस्थान है। |
| इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान) | जोधपुर | फैशन प्रौद्योगिकी से संबंधित संस्थान है। |
| वुडन वेयर सर्विस सेन्टर | जोधपुर | लकड़ी आधारित उद्योगों से संबंधित केन्द्र है। |
| हैण्डलूम डिजाइन डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग सेन्टर | नागौर | हथकरघा डिजाइन एवं प्रशिक्षण केन्द्र है। |
| हैंड टूल जोन | गोगेलाव (नागौर) | हैंड टूल उद्योग हेतु विकसित जोन है। |
| एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग जोन | तिंवरी (जोधपुर) | कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग हेतु विकसित जोन है। |
| M.S.M.E तकनीकी पार्क | दौसा | सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों हेतु विकसित तकनीकी पार्क है। |
| टैक्सटाइल पार्क | भीलवाड़ा, सिलोरा (किशनगढ़) | वस्त्र उद्योग हेतु विकसित पार्क हैं। |
| हैण्डीक्राफ्ट पार्क | जोधपुर | हस्तशिल्प उद्योग हेतु विकसित पार्क है। |
❖ एक जिला एक उत्पाद
- 8 दिसम्बर 2024 को इस नीति की घोषणा की गई।
- इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले के उत्पाद एवं सेवाओं की पहचान करना, उन्हें प्रोत्साहित करना तथा प्रत्येक जिले को संभावित निर्यात केन्द्र के रूप में विकसित करना है।
- यह योजना वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत संचालित की जाती है।
❖ प्रमुख औद्योगिक संस्थाएँ
| संस्था | स्थापना | मुख्यालय | प्रमुख कार्य / उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम लिमिटेड (RIICO) | 28 मार्च 1969 | जयपुर | राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति देने वाली शीर्ष संस्था है। राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना तथा वृहद, मध्यम एवं लघु उद्योगों को आर्थिक सहायता एवं संसाधन उपलब्ध कराना। |
| राजस्थान लघु उद्योग निगम (RAJSICO) | 3 जून 1961 | जयपुर | हस्तशिल्प इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान करना तथा कच्चा माल उपलब्ध कराना। |
| राजस्थान वित्त निगम (RFC) | 17 जनवरी 1955 | जयपुर | औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान करना। |
| राजस्थान खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड | 1955 | जयपुर | कारीगरों को रोजगार उपलब्ध कराना, दस्तकारों को प्रशिक्षण देना तथा उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करना। |
| राजस्थान गैर कृषि विकास एजेन्सी (RUDA) | 1995 | — | राज्य में ग्रामीण गैर-कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए स्थापना की गई। |
| निवेश प्रोत्साहन ब्यूरो (BIP) | 1991 | — | घरेलू एवं विदेशी कंपनियों के निवेश को आकर्षित करना। |
❖ RIICO से संबंधित प्रमुख तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| राज्य में संचालित रीको इकाइयाँ | 390 |
| प्रस्तावित नई रीको इकाइयाँ | 147 |
❖ निर्यात संवर्धन औद्योगिक पार्क (EPIP)
| क्रमांक | EPIP | स्थान |
|---|---|---|
| 1 | राजस्थान का प्रथम EPIP | सीतापुरा (जयपुर) |
| 2 | राजस्थान का द्वितीय EPIP | बोरानाडा (जोधपुर) |
| 3 | राजस्थान का तृतीय EPIP | नीमराणा (कोटपूतली-बहरोड़) |
❖ राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रशिक्षण केन्द्र
| क्रमांक | प्रशिक्षण केन्द्र | जिला |
|---|---|---|
| 1 | पुष्कर | अजमेर |
| 2 | संकुल मानसरोवर | जयपुर |
| 3 | माउंट आबू | सिरोही |
❖ इनलैण्ड कंटेनर डिपो (ICD / शुष्क बंदरगाह)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| राजस्थान में कुल कंटेनर डिपो | 8 |
| राजसीको द्वारा संचालित कंटेनर डिपो | 4 |
| क्रमांक | कंटेनर डिपो | स्थान |
|---|---|---|
| 1 | ICD | मानसरोवर (जयपुर) |
| 2 | ICD | भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) |
| 3 | ICD | बासनी (जोधपुर) |
| 4 | ICD | भीलवाड़ा |
❖ राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र
| जिला | प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र |
|---|---|
| जयपुर | सांगानेर, विश्वकर्मा, मालवीय नगर, मानसरोवर |
| खैरथल-तिजारा | भिवाड़ी, टपूकड़ा |
| बीकानेर | खारा, नापासर, बीछवाल, करणी |
| जोधपुर | मरुधर, मंडोर, बासनी, पाल शिल्प ग्राम, बोरानाडा, मथानिया, तिंवरी |
❖ उद्योगों को बढ़ावा देने वाली योजनाएँ
| योजना | प्रारम्भ / लागू होने की तिथि | प्रमुख उद्देश्य / जानकारी |
|---|---|---|
| मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना | दिसम्बर 2019 | राज्य में लघु उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करना। |
| राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना | 2019 | यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। |
| राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) | 7 अक्टूबर 2022 | यह योजना 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। |
| खादी कामगार आर्थिक प्रोत्साहन योजना | 13 जुलाई 2022 | खादी उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई। |
| मुख्यमंत्री लघु वाणिज्यिक वाहन स्वरोजगार योजना | 11 अक्टूबर 2022 | स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई। |
| वन स्टॉप शॉप (One Stop Shop) | — | सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए प्रारम्भ की गई व्यवस्था। |
| लखपति दीदी योजना | — | महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित योजना। |
❖ वन स्टॉप शॉप (One Stop Shop) से संबंधित प्रमुख तथ्य
- 10 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाले उद्यमियों को एक ही छत के नीचे आवश्यक मंजूरियाँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
- बजट 2025-26 में इसकी संख्या बढ़ाकर 149 करने की घोषणा की गई।
- इसके लिए “राज निवेश” नामक ऑनलाइन पोर्टल कार्यरत है।
❖ राजस्थान हस्तशिल्प नीति, 2022
- राजस्थान सरकार ने 17 सितम्बर 2022 को प्रदेश की पहली हस्तशिल्प नीति जारी की।
- यह नीति 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी।
- इस नीति के अंतर्गत “एक जिला – एक उत्पाद” योजना के तहत प्रत्येक जिले के एक हस्तशिल्प उत्पाद को चिन्हित कर प्रोत्साहित किया जाएगा।
- इस नीति के अनुसार प्रत्येक वर्ष दिसम्बर माह में हस्तशिल्प सप्ताह का आयोजन किया जाएगा।
❖ स्पेशल इकॉनोमिक जोन (SEZ)
- निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयात-निर्यात नीति 1997-2002 के तहत 13 मार्च 2003 को राज्य की विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) नीति जारी की गई।
- SEZ एक विशेष क्षेत्र होता है, जहाँ स्थापित कंपनियों को कर में छूट तथा कर मुक्त आयात जैसी सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।
| क्रमांक | स्पेशल इकॉनोमिक जोन (SEZ) | स्थान |
|---|---|---|
| 1 | महेन्द्रा वर्ल्ड सिटी स्पेशल इकॉनोमिक जोन | जयपुर |
| 2 | जेम्स एण्ड ज्वैलरी इकॉनोमिक जोन | सीतापुरा (जयपुर) |
| 3 | सोमानी वस्टेड लिमिटेड | खुशखेड़ा (खैरथल-तिजारा) |
| 4 | जैनपैक्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड | जयपुर |
| 5 | वाटिका जयपुर डेवलपर्स लिमिटेड | जयपुर |
| 6 | मानसरोवर औद्योगिक विकास निगम | जोधपुर |
| 7 | आर. एन. बी. इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड | बीकानेर |
❖ दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC)
- औद्योगिक शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से यह परियोजना विकसित की जा रही है।
- यह कॉरिडोर दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र से होकर गुजरता है।
- दिल्ली से मुम्बई के मध्य लगभग 1504 किमी लम्बा कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लम्बाई | 1504 किमी |
| राजस्थान में लम्बाई | 567 किमी |
| गुजरने वाले राज्य | दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र |
❖ महत्वपूर्ण जानकारी
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| सर्वाधिक औद्योगिक इकाइयों वाला जिला | जयपुर |
| राज्य में सर्वाधिक मध्यम एवं वृहद औद्योगिक इकाइयों वाला जिला | अलवर |
| राज्य में सर्वाधिक मध्यम एवं वृहद औद्योगिक इकाइयों का प्रमुख स्थान | भिवाड़ी (अलवर) |
| सर्वाधिक वृहद स्तरीय उद्योग वाले क्षेत्र | भिवाड़ी, अलवर एवं भीलवाड़ा |
| सर्वाधिक लघु औद्योगिक इकाइयों वाले जिले | जयपुर एवं अलवर |
| राजस्थान में नोटों की स्याही बनाने का कारखाना | भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) |
| राजस्थान में जिला उद्योग केन्द्र | 36 |
| राजस्थान में उद्योग उपकेन्द्र | 8 |
❖ राजस्थान में वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक निर्यात होने वाली शीर्ष वस्तुएँ
| क्रमांक | वस्तु |
|---|---|
| 1 | इंजीनियरिंग वस्तुएँ |
| 2 | रत्न एवं आभूषण |
| 3 | धातुएँ |
| 4 | कपड़ा |
| 5 | हस्तशिल्प |
- उपर्युक्त वस्तुओं का राज्य के कुल निर्यात में 65 प्रतिशत से अधिक योगदान है।
❖ औद्योगिक संभावनाओं के आधार पर राजस्थान के जिलों का वर्गीकरण
| श्रेणी | जिले |
|---|---|
| विशिष्ट श्रेणी | जयपुर |
| ए श्रेणी | अलवर, दौसा, अजमेर, भीलवाड़ा, जोधपुर, उदयपुर, राजसमंद, कोटा, बारां |
| बी श्रेणी | बीकानेर, हनुमानगढ़, गंगानगर, सीकर, झुंझुनूं |
| सी श्रेणी | जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर, सिरोही, डूंगरपुर |
❖ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (M.S.M.E.)
| उद्यम का प्रकार | संयंत्र, मशीनरी एवं उपकरण में निवेश सीमा | वार्षिक कारोबार (टर्नओवर) सीमा |
|---|---|---|
| सूक्ष्म उद्यम (Micro Enterprise) | 1 करोड़ रुपये से अधिक नहीं | 5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं |
| लघु उद्यम (Small Enterprise) | 10 करोड़ रुपये से अधिक नहीं | 50 करोड़ रुपये से अधिक नहीं |
| मध्यम उद्यम (Medium Enterprise) | 50 करोड़ रुपये से अधिक नहीं | 250 करोड़ रुपये से अधिक नहीं |
| वृहद उद्यम (Large Enterprise) | 50 करोड़ रुपये से अधिक | — |
❖ राजस्थान सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम (स्थापना और संचालन की सुविधा) अधिनियम, 2019
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अधिसूचना की तिथि | 17 जुलाई 2019 |
| उद्देश्य | राजस्थान में निवेश को बढ़ावा देना तथा M.S.M.E. उद्योगों की सुविधा पूर्वक स्थापना सुनिश्चित करना। |
| प्रमुख पहल | राज्य सरकार द्वारा राज उद्योग मित्र वेब पोर्टल लॉन्च किया गया। |
| पोर्टल की सुविधा | इस पोर्टल के माध्यम से पावती प्रमाण पत्र प्राप्त होता है। |
❖ राजस्थान सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम (स्थापना और संचालन संशोधन) अधिनियम, 2023
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रस्तुति | फरवरी 2023 में राजस्थान विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। |
| प्रमुख प्रावधान | राज्य सरकार से विभिन्न मंजूरियों के लिए छूट की अवधि को 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया गया। |
| उद्देश्य | अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना तथा निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना। |
❖ M.S.M.E. Policy 2024
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रभावी अवधि | 31 मार्च 2026 तक |
| उद्देश्य | सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देना। |
| प्रमुख लक्ष्य | M.S.M.E. क्षेत्र के 50 क्लस्टर अगले तीन वर्षों में विकसित किए जाएंगे। |
❖ राज्य की औद्योगिक नीतियाँ
| नीति | तिथि | विशेष जानकारी |
|---|---|---|
| पहली औद्योगिक नीति | 24 जून 1978 | भैरोसिंह शेखावत के समय जारी की गई। |
| चौथी औद्योगिक नीति | 4 जून 1998 | राज्य की चौथी औद्योगिक नीति। |
| 7वीं नई औद्योगिक विकास नीति | 19 दिसम्बर 2019 | राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने हेतु जारी की गई। |
❖ आर्थिक समीक्षा विशेष 2024-25
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| राजस्थान के GSVA में उद्योग क्षेत्र का योगदान | 27.16 प्रतिशत |
| विनिर्माण क्षेत्र का योगदान | 11.58 प्रतिशत |
- उद्योग क्षेत्र ने राजस्थान के GSVA में 27.16 प्रतिशत का योगदान दिया, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र का 11.58 प्रतिशत का प्रमुख योगदान रहा।
❖ राजस्थान निर्यात नीति 2024
- इस नीति का उद्देश्य निर्यातकों को लक्षित सहायता प्रदान करके राज्य की निर्यात क्षमता को बढ़ावा देना है।
❖ राजस्थान खनिज नीति 2024
- इस नीति का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण एवं सामुदायिक कल्याण सुनिश्चित करते हुए राज्य के प्रचुर खनिज संसाधनों का उपयोग कर टिकाऊ, पारदर्शी एवं जिम्मेदार खनिज विकास को बढ़ावा देना है।
❖ राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आयोजन | राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट |
| समझौता ज्ञापन (MoU) | 35 लाख करोड़ रुपये |
| क्रियान्वयन हेतु | PMU (Project Monitoring Unit) का गठन किया जाएगा। |
❖ राजस्थान बजट विशेष 2025-26
| प्रस्ताव | स्थान |
|---|---|
| टॉय पार्क | कोटा |
| सिरेमिक पार्क | सोनियाणा (चित्तौड़गढ़) |
| ब्लॉक प्रिंटिंग जोन | सांगानेर (जयपुर) |
- गांवों एवं मंदिरों के इतिहास को रिकॉर्ड करने के लिए संस्कृति पोर्टल बनाया जाएगा।
- लोक गायकों एवं संगीतकारों के लिए बीकानेर में गवरी देवी कला केन्द्र स्थापित किया जाएगा।
- पंचोत्स योजना प्रत्येक जिले को अलग पहचान दिलाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा 17 दिसम्बर 2024 को प्रारम्भ की गई।
