राजस्थान की साहित्यिक संस्थाएँ एवं संग्रहालय
❖ प्रमुख संगीत संस्थान –
➤ भारतीय लोक कला मण्डल / मंदिर – उदयपुर
- उदयपुर में स्थित यह संस्थान लोक कलाओं के संरक्षण और प्रदर्शन के लिए प्रसिद्ध है।
- इसकी स्थापना 22 फरवरी 1952 को देवीलाल सामर द्वारा की गई थी।
- यह संस्था विशेष रूप से कठपुतली नृत्य के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
➤ पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र – उदयपुर
- उदयपुर स्थित यह केन्द्र भारत सरकार के संस्कृति विभाग के अंतर्गत कार्य करता है।
- देश में कुल 7 सांस्कृतिक केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें यह एक प्रमुख केन्द्र है।
- इसकी स्थापना 1986 में बागोर की हवेली में की गई थी।
➤ जवाहर कला केन्द्र – जयपुर
- जयपुर में स्थित यह कला केन्द्र आधुनिक सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख मंच है।
- इसकी स्थापना 8 अप्रैल 1993 को की गई थी।
- इसका वास्तु डिजाइन प्रसिद्ध वास्तुकार चार्ल्स कोरिया द्वारा तैयार किया गया था।
- यहाँ नियमित रूप से विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
➤ राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट्स – जयपुर
- जयपुर में स्थित इस संस्था की स्थापना कला शिक्षा के विकास हेतु की गई थी।
- इसे 1857 में महाराजा रामसिंह द्वितीय द्वारा “मदरसा ए हुनरी” के नाम से स्थापित किया गया था।
➤ रूपायन संस्थान – बोरुन्दा (जोधपुर)
- बोरुन्दा (जोधपुर) में स्थित यह संस्थान राजस्थानी लोक संस्कृति के संरक्षण से जुड़ा है।
- इसकी स्थापना 1960 में कोमल कोठारी द्वारा की गई थी।
- इसके सह-संस्थापक विजयदान देथा थे।
- इसका प्रमुख उद्देश्य राजस्थानी कला एवं लोक संस्कृति का संवर्धन है।
- यहाँ से लोक संस्कृति एवं मरुचक्र पत्रिकाएँ प्रकाशित होती हैं।
➤ रामप्रकाश थिएटर – जयपुर
- जयपुर स्थित इस थिएटर की स्थापना 1878 में सवाई रामसिंह द्वितीय द्वारा की गई थी।
➤ रवीन्द्र मंच – जयपुर (1963)
- जयपुर में स्थित यह मंच सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रमुख केन्द्र है।
➤ राजस्थान संगीत संस्थान – जयपुर (1950)
- जयपुर में स्थापित यह संस्थान संगीत शिक्षा एवं प्रशिक्षण से संबंधित है।
➤ जयपुर कथक केन्द्र – जयपुर (1978)
- यह केन्द्र कथक नृत्य के प्रशिक्षण एवं संरक्षण के लिए स्थापित किया गया।
➤ ललित कला अकादमी – जयपुर (1957)
- जयपुर स्थित यह संस्था ललित कलाओं के विकास को बढ़ावा देती है।
➤ राजस्थान संगीत नाटक अकादमी – जोधपुर (1957)
- जोधपुर में स्थित यह अकादमी संगीत एवं नाट्य कलाओं के संरक्षण से जुड़ी है।
❖ राजस्थान की साहित्यिक संस्थाएँ –
➤ राजस्थान साहित्य अकादमी – उदयपुर
- उदयपुर में स्थित इस अकादमी की स्थापना 28 जनवरी 1958 को की गई थी।
- इस संस्था का सर्वोच्च सम्मान मीरा पुरस्कार है।
- यहाँ से मधुमति नामक मासिक पत्रिका प्रकाशित होती है।
➤ राजस्थान हिन्दी ग्रन्थ अकादमी – जयपुर
- इसकी स्थापना 15 जुलाई 1969 को जयपुर में की गई थी।
➤ राजस्थान संस्कृत अकादमी – जयपुर (1980)
- यह अकादमी संस्कृत साहित्य के संवर्धन से संबंधित है।
- इसका सर्वोच्च सम्मान माघ पुरस्कार है।
➤ राजस्थान उर्दू अकादमी – जयपुर (1979)
- जयपुर में स्थित यह संस्था उर्दू भाषा एवं साहित्य के विकास हेतु कार्य करती है।
- यहाँ से नखलिस्तान नामक त्रैमासिक पत्रिका प्रकाशित होती है।
➤ राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी – जयपुर
- इसकी स्थापना 19 जनवरी 1986 को की गई थी।
- यह संस्था ब्रज भाषा साहित्य के संरक्षण से संबंधित है।
- यहाँ से ब्रज शतदल त्रैमासिक पत्रिका प्रकाशित होती है।
➤ राजस्थान सिंधी अकादमी – जयपुर (1979)
- यह अकादमी सिंधी भाषा एवं साहित्य के विकास हेतु कार्य करती है।
➤ अबुल कलाम अरबी फारसी शोध संस्थान – टोंक (1978)
- टोंक में स्थित यह संस्थान अरबी-फारसी शोध कार्यों से संबंधित है।
➤ राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान – जोधपुर
- जोधपुर में स्थित यह प्रतिष्ठान प्राच्य अध्ययन एवं शोध से जुड़ा है।
➤ राजस्थान प्रचारिणी सभा – जयपुर
- यहाँ से मरुवाणी नामक पत्रिका प्रकाशित होती है।
➤ राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी – बीकानेर
- इसकी स्थापना 25 जनवरी 1983 को बीकानेर में की गई थी।
- इस संस्था का सर्वोच्च पुरस्कार सूर्यमल्ल मिश्रण शिखर पुरस्कार है।
- यहाँ से जागती जोत नामक मासिक पत्रिका प्रकाशित होती है।
❖ प्रमुख संग्रहालय –
➤ हल्दीघाटी संग्रहालय – हल्दीघाटी (राजसमंद)
- राजसमंद जिले के हल्दीघाटी में स्थित यह संग्रहालय महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी घटनाओं के संरक्षण हेतु स्थापित किया गया।
- इसकी स्थापना मोहनलाल श्रीमाली द्वारा की गई थी।
- यह संग्रहालय गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।
➤ मीरा संग्रहालय – उदयपुर
- उदयपुर में स्थित यह संग्रहालय संत मीरा बाई से संबंधित है।
➤ डीग संग्रहालय – डीग
- इसमें डीग के महाराजा और उनके परिवार द्वारा उपयोग की गई वस्तुएँ एवं फर्नीचर संरक्षित हैं।
➤ अल्बर्ट हॉल – जयपुर
- जयपुर का यह संग्रहालय राज्य का सबसे बड़ा एवं सबसे प्राचीन संग्रहालय माना जाता है।
- इसका वास्तु निर्माण स्विंटन जैकब द्वारा किया गया था।
- इसकी नींव 1876 में प्रिंस अल्बर्ट द्वारा सवाई रामसिंह द्वितीय के शासनकाल में रखी गई थी।
- इसे केन्द्रीय संग्रहालय का दर्जा प्राप्त है।
- इसका उद्घाटन 1887 में सर एडवर्ड ब्रैडफोर्ड द्वारा किया गया था।
➤ पोथीखाना संग्रहालय – जयपुर
- इसकी स्थापना 1952 में सवाई मानसिंह द्वितीय द्वारा की गई थी।
➤ डॉल म्यूजियम / गुड़िया घर – जयपुर
- यह संग्रहालय गुड़ियाओं (डॉल्स) के संग्रह के लिए प्रसिद्ध है।
➤ राजस्थान पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग – जयपुर (1950)
- यहाँ से द रिसर्चर नामक पत्रिका प्रकाशित होती है।
➤ सरस्वती पुस्तकालय – फतेहपुर (सीकर)
- यहाँ हस्तलिखित ग्रंथों, दुर्लभ पांडुलिपियों एवं प्राचीन कृतियों का संग्रह उपलब्ध है।
➤ राजकीय संग्रहालय (राजपूताना म्यूजियम) – अजमेर
- यह संग्रहालय अजमेर के मैगजीन दुर्ग में स्थित है।
- इसका उद्घाटन 1908 में A.G.G. कॉल्विन द्वारा किया गया था।
- इसके प्रथम क्यूरेटर गौरीशंकर ओझा थे।
- यहाँ हरिकेली नाटक के अंश, बड़ली व नगरी शिलालेख तथा लिंगोद्भव महेश्वर (नाद शिव मूर्ति) संरक्षित हैं।
➤ मारवाड़ का मुकुट सरदार संग्रहालय – जोधपुर
- इसकी स्थापना 1909 में महाराजा सरदारसिंह द्वारा लॉर्ड किचनर के आगमन पर की गई थी।
- इसका उद्घाटन 1936 में लॉर्ड विलिंगटन द्वारा किया गया था।
➤ बांगड़ संग्रहालय – पाली
- यहाँ सुगाली माता की प्रतिमा संरक्षित है।
➤ प्राच्य विद्यापीठ (ओरिएंटल रिसर्च संस्थान) – जोधपुर
- यहाँ प्राचीन पांडुलिपियों का विशाल संग्रह उपलब्ध है।
➤ जैसलमेर युद्ध संग्रहालय – जैसलमेर
- इसकी स्थापना 2015 में जैसलमेर सैन्य स्टेशन में की गई थी।
- यहाँ लोंगेवाला युद्ध में प्रयुक्त हंटर विमान प्रदर्शित है।
➤ सार्दुल संग्रहालय – बीकानेर
- यह संग्रहालय लालगढ़ महल में स्थित है।
- यहाँ कैमरे से लिया गया राजस्थान का प्रथम चित्र (सरदार सिंह) संरक्षित है।
- इसकी स्थापना दशरथ शर्मा द्वारा की गई थी।
➤ गंगा गोल्डन जुबली म्यूजियम – बीकानेर
- इसका उद्घाटन 1937 में लॉर्ड लिनलिथगो द्वारा महाराजा गंगासिंह की स्वर्ण जयंती पर किया गया था।
- इसे स्थापित करने में एल.पी. टेस्सीटोरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- यहाँ ए.एच. मूलर का चित्र एवं जैन सरस्वती प्रतिमा संरक्षित है।
➤ राजस्थान राज्य अभिलेखागार – बीकानेर
- इसकी स्थापना 1955 में जयपुर में की गई थी तथा 1960 में इसे बीकानेर स्थानांतरित किया गया।
- यहाँ मुगल फरमान, ऐतिहासिक दस्तावेज, पत्र एवं प्राचीन चित्रों का संग्रह उपलब्ध है।
➤ सर छोटूराम स्मारक संग्रहालय – संगरिया (हनुमानगढ़)
- इसकी स्थापना 1932 में स्वामी केशवानन्द द्वारा की गई थी।
➤ शास्त्र भण्डार – आमेर
- यह प्राचीन पांडुलिपियों एवं ग्रंथों का महत्वपूर्ण संग्रह स्थल है।
➤ बिडला तकनीकी म्यूजियम – पिलानी (झुंझुनूं)
- यह तकनीकी एवं वैज्ञानिक प्रदर्शनों से संबंधित संग्रहालय है।
➤ लोक संस्कृति शोध संस्थान – चूरू
- यह संस्थान राजस्थान की लोक संस्कृति एवं परंपराओं के शोध से जुड़ा है।
