RPSC RAS Prelims Syllabus 2026: राजस्थान RAS प्रारंभिक परीक्षा का नया सिलेबस और एग्जाम पैटर्न

RPSC RAS Prelims Syllabus 2026: राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएँ संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का संशोधित परीक्षा योजना एवं पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग ने 9 जनवरी 2026 को प्रारंभिक परीक्षा के लिए नया सिलेबस जारी किया है।

RAS की तैयारी शुरू करने वाले अभ्यर्थियों के लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि प्रारंभिक परीक्षा में किन विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे, पेपर का स्तर क्या रहेगा और परीक्षा में कितने प्रश्न होंगे। नए पाठ्यक्रम के अनुसार RAS प्रारंभिक परीक्षा में केवल एक प्रश्न-पत्र होगा, जिसमें सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा 200 अंकों की होगी और इसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल होंगे।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक परीक्षा केवल स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में आयोजित की जाएगी। यानी Prelims में प्राप्त अंकों को मुख्य परीक्षा के बाद अंतिम मेरिट निर्धारित करने में शामिल नहीं किया जाएगा।

RPSC RAS Prelims Exam Pattern 2026

RAS प्रारंभिक परीक्षा का पेपर देखने में एक ही है, लेकिन इसका पाठ्यक्रम काफी व्यापक है। इसमें राजस्थान के इतिहास और संस्कृति से लेकर भारतीय इतिहास, भूगोल, संविधान, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तर्कशक्ति और समसामयिक घटनाओं तक कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

विषय प्रश्न अंक समय
सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान 150 200 3 घंटे

परीक्षा की प्रमुख बातें

  • प्रश्न-पत्र वस्तुनिष्ठ प्रकार का होगा।
  • कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे।
  • सभी प्रश्न समान अंक के होंगे।
  • प्रश्न-पत्र कुल 200 अंकों का होगा।
  • परीक्षा के लिए 3 घंटे का समय मिलेगा।
  • प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक की कटौती होगी।
  • प्रश्न-पत्र का स्तरमान स्नातक डिग्री स्तर का रहेगा।
  • प्रारंभिक परीक्षा का उद्देश्य मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग करना है।
  • Prelims के अंक अंतिम मेरिट में नहीं जोड़े जाएंगे।

यानी RAS Prelims में केवल ज्यादा से ज्यादा प्रश्न हल करना ही पर्याप्त नहीं होगा। नेगेटिव मार्किंग होने के कारण अभ्यर्थियों को प्रश्न हल करते समय accuracy पर भी ध्यान देना होगा।

RPSC RAS Prelims Syllabus 2026

RPSC ने प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम को कई प्रमुख हिस्सों में बांटा है। इसमें राजस्थान से जुड़े विषयों को व्यापक रूप से शामिल किया गया है, वहीं भारतीय इतिहास, भूगोल, संविधान, अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और मानसिक योग्यता जैसे विषय भी पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।

राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परंपरा एवं विरासत

RAS Prelims में राजस्थान से संबंधित इतिहास और संस्कृति का हिस्सा काफी व्यापक है। इसमें राजस्थान के प्रागैतिहासिक काल से लेकर आधुनिक राजस्थान के निर्माण तक की महत्वपूर्ण घटनाओं को शामिल किया गया है।

अभ्यर्थियों को राजस्थान के पुरापाषाण, ताम्रपाषाण और कांस्य युग से जुड़े प्रमुख स्थलों तथा उस समय के समाज और संस्कृति का अध्ययन करना होगा। इसके साथ राजस्थान के इतिहास को समझने के लिए पुरातात्विक, अभिलेखीय, साहित्यिक और मुद्राशास्त्रीय स्रोतों को भी पाठ्यक्रम में रखा गया है।

मध्यकालीन राजस्थान में प्रमुख राजवंशों और उनके शासकों की राजनीतिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियां, केंद्रीय सत्ता के साथ उनके संबंध तथा प्रशासनिक और राजस्व व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

आधुनिक राजस्थान के अंतर्गत 18वीं और 19वीं शताब्दी की राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के साथ किसान आंदोलन, आदिवासी आंदोलन, प्रजामंडल आंदोलन, जन जागृति और राजस्थान के एकीकरण को शामिल किया गया है।

राजस्थान की कला और संस्कृति से जुड़े प्रश्नों के लिए अभ्यर्थियों को यहां की स्थापत्य परंपरा, मंदिर, किले, महल, स्मारक, जलाशय, चित्रकला और हस्तशिल्प का अध्ययन करना होगा। लोक नृत्य, लोक नाटक, लोक संगीत, शास्त्रीय संगीत और प्रमुख वाद्ययंत्र भी इसी भाग में आते हैं।

इसके अलावा राजस्थानी भाषा की बोलियां, राजस्थानी साहित्य, लोक साहित्य, धार्मिक समुदाय, संत-संप्रदाय, लोक देवता, मेले-त्योहार, सामाजिक रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं।

भारत का इतिहास

भारतीय इतिहास को पाठ्यक्रम में प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक काल के रूप में व्यापक रूप से शामिल किया गया है।

प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत

प्राचीन भारत के अंतर्गत सिंधु एवं वैदिक युग, छठी शताब्दी ईसा पूर्व के धार्मिक विचार, आजीवक, बौद्ध और जैन धर्म से संबंधित विषय शामिल हैं। इसके बाद मौर्य, कुषाण, सातवाहन, गुप्त, चालुक्य, पल्लव और चोल जैसे प्रमुख राजवंशों के महत्वपूर्ण शासकों और उनकी उपलब्धियों का अध्ययन करना होगा। प्राचीन भारत की कला, स्थापत्य और वैज्ञानिक विकास के साथ भारतीय ज्ञान एवं मूल्य व्यवस्था में वर्णाश्रम, पुरुषार्थ, संस्कार, दर्शन और शिक्षा व्यवस्था भी पाठ्यक्रम में शामिल है।

मध्यकालीन इतिहास में सल्तनत काल के प्रमुख राजवंश, उनकी उपलब्धियां, विजयनगर साम्राज्य, मुगल प्रशासन एवं नीतियां और मराठों से संबंधित विषय शामिल हैं। इसी के साथ मध्यकालीन कला, वास्तुकला, साहित्य, चित्रकला और संगीत के विकास को भी पढ़ना होगा।

भक्ति एवं सूफी आंदोलन तथा विभिन्न धार्मिक आंदोलनों के योगदान को भी इस भाग में स्थान दिया गया है।

आधुनिक भारत

आधुनिक भारत के पाठ्यक्रम में प्रारंभिक 19वीं शताब्दी से वर्ष 2000 तक के महत्वपूर्ण घटनाक्रम शामिल हैं। इसमें ब्रिटिश साम्राज्यवाद और उसके विरुद्ध हुए प्रतिरोध, मराठा, मैसूर और सिख शक्ति, 1857 का विद्रोह, ब्रिटिश राजनीतिक-आर्थिक एवं प्रशासनिक नीतियां तथा राष्ट्रवाद के उदय को शामिल किया गया है।

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के विकास, विभिन्न चरणों, प्रमुख घटनाओं, क्रांतिकारी आंदोलनों और क्षेत्रीय आंदोलनों के साथ स्वतंत्रता एवं विभाजन तक की घटनाओं को भी पाठ्यक्रम में रखा गया है। स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण, राज्य पुनर्गठन, नेहरू युग में संस्थागत निर्माण, योजना, आर्थिक सुधार और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास को वर्ष 2000 तक के संदर्भ में पढ़ना होगा।

विश्व एवं भारत का भूगोल

भूगोल के हिस्से को विश्व, भारत और राजस्थान के स्तर पर रखा गया है।

विश्व का भूगोल

विश्व के भौतिक स्वरूप में पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल के साथ प्रमुख नदियों एवं झीलों का अध्ययन करना होगा। प्राकृतिक वनस्पति, कृषि के प्रकार एवं वितरण, प्रमुख फसलें, प्रमुख औद्योगिक प्रदेश, प्रमुख उद्योग और परिवहन तंत्र भी इस भाग में शामिल हैं।

इसके अलावा मरुस्थलीकरण, वनउन्मूलन, जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और ओजोन अवक्षय जैसे पर्यावरणीय मुद्दों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

भारत का भूगोल

भारत के भूगोल में देश के भौतिक विभाग, जलवायु, प्रमुख नदियां एवं झीलें, सिंचाई और कृषि से संबंधित विषय शामिल हैं। अभ्यर्थियों को भारत की प्रमुख फसलों के साथ धात्विक एवं अधात्विक खनिज, प्रमुख औद्योगिक प्रदेश और प्रमुख उद्योगों की जानकारी भी तैयार करनी होगी।

राजस्थान का भूगोल

राजस्थान के भूगोल में राज्य की अवस्थिति, विस्तार और भौतिक विभाग से शुरुआत होती है। इसके बाद नदियां, झीलें और जलवायु की विशेषताएं महत्वपूर्ण हैं। प्राकृतिक वनस्पति, जैव विविधता एवं उसका संरक्षण, मृदा, कृषि, पशुधन और सिंचाई भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं।

इसके साथ राजस्थान की जनसंख्या वृद्धि, जनसंख्या घनत्व, साक्षरता, लिंगानुपात, नगरीकरण और जनजातियों से जुड़े विषयों को पढ़ना होगा। खनिज संसाधनों में धात्विक एवं अधात्विक खनिज तथा राजस्थान के पर्यटन को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।

भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था और शासन

भारतीय संविधान के इस भाग में संविधान निर्माण, उद्देशिका, नागरिकता, मौलिक अधिकार, राज्य के नीति निदेशक तत्व और मौलिक कर्तव्यों को शामिल किया गया है। संघीय सरकार की कार्यपालिका, विधायिका एवं न्यायपालिका तथा केंद्र-राज्य संबंध और आपातकालीन प्रावधान भी परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।

ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय सरकार के साथ निर्वाचन आयोग, संघ लोक सेवा आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और नीति आयोग से संबंधित जानकारी भी पाठ्यक्रम में है। शासन से जुड़े हिस्से में लोक नीति, नागरिक चार्टर, सामाजिक अंकेक्षण, शिकायत निवारण प्रणाली, लोकपाल, केंद्रीय सतर्कता आयोग और केंद्रीय सूचना आयोग शामिल हैं।

राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था

राजस्थान की शासन व्यवस्था से जुड़े प्रश्नों के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद, राजस्थान विधानसभा, राजस्थान उच्च न्यायालय, अधीनस्थ न्यायालय और महाधिवक्ता से संबंधित विषय पढ़ने होंगे।

प्रशासनिक व्यवस्था में मुख्य सचिव, राज्य सचिवालय, विभागीय निदेशालय, संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, उपखंड अधिकारी और तहसीलदार जैसे प्रशासनिक पदों एवं उनकी भूमिका को शामिल किया गया है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग, राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान सूचना आयोग, राजस्थान राज्य महिला आयोग, राजस्व मंडल और लोकायुक्त भी इसी भाग का हिस्सा हैं। इसके अलावा राजस्थान में पंचायती राज और नगर पालिकाओं के प्रशासन को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

आर्थिक अवधारणाएं एवं भारतीय अर्थव्यवस्था

अर्थव्यवस्था के हिस्से में आर्थिक संवृद्धि एवं विकास, पर्यावरणीय क्षरण और सतत विकास जैसे मूलभूत विषयों से शुरुआत होती है। विकास के पारंपरिक मापदंड, मानव विकास सूचकांक और अन्य संबंधित सूचकांकों के साथ मौद्रिक एवं राजकोषीय नीति की भूमिका को समझना होगा। भारत सरकार का नवीनतम बजट, संसाधन संग्रहण, राजकोषीय संघवाद, केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध और वित्त आयोग भी पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।

कृषिगत विकास में संस्थागत एवं तकनीकी पहल, भारतीय कृषि में सुधार, कृषि क्षेत्र की चुनौतियां और सरकारी पहल को शामिल किया गया है।

औद्योगिक वृद्धि, औद्योगिक नीति एवं सुधार, उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण के साथ सेवा क्षेत्र की भूमिका, ऊर्जा, परिवहन और संचार भी पढ़ना होगा। कौशल विकास, रोजगार संवर्द्धन, सरकारी कार्यक्रम एवं नीतियां तथा सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण भी इस भाग में शामिल हैं।

राजस्थान की अर्थव्यवस्था

राजस्थान की अर्थव्यवस्था में राज्य की समग्र आर्थिक स्थिति और राजस्थान बजट महत्वपूर्ण हिस्सा है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, इन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे और सरकारी पहल के साथ ऊर्जा, परिवहन और संचार जैसी आधारभूत संरचना को भी पढ़ना होगा।

ग्रामीण विकास, पंचायती राज, राज्य वित्त आयोग तथा शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सामाजिक सेवाएं भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं। इसके साथ राजस्थान सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी तैयार करनी होगी।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के हिस्से में दैनिक जीवन में विज्ञान के मूलभूत तत्वों से लेकर आधुनिक तकनीकी विकास तक कई विषय शामिल हैं। कंप्यूटर, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, रक्षा एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तथा भारत से संबंधित इन क्षेत्रों के विकास को पाठ्यक्रम में जगह दी गई है।

जीव विज्ञान से जुड़े हिस्से में वंशागति एवं विभिन्नता, आनुवंशिक अभियांत्रिकी, जैव प्रौद्योगिकी और नैनो प्रौद्योगिकी शामिल हैं। मानव स्वास्थ्य, आहार एवं पोषण, रोग और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण हैं। पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिक परिवर्तन, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सतत विकास के साथ राजस्थान के संदर्भ में कृषि विज्ञान, उद्यान विज्ञान, वानिकी और पशुपालन भी पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।

भारत और राजस्थान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रमुख सरकारी कार्यक्रम एवं नीतियां, वैज्ञानिक प्रगति, भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान और विज्ञान-प्रौद्योगिकी के स्वदेशीकरण को भी तैयार करना होगा।

तार्किक विवेचन एवं मानसिक योग्यता

RAS Prelims में Reasoning और Mental Ability से जुड़े प्रश्नों के लिए तार्किक दक्षता तथा मानसिक योग्यता दोनों हिस्सों को शामिल किया गया है। तार्किक दक्षता में कथन एवं मान्यताएं, कथन एवं तर्क, कथन एवं निष्कर्ष, कथन एवं कार्यवाही तथा विश्लेषणात्मक एवं विवेचनात्मक तर्कक्षमता शामिल है।

मानसिक योग्यता में संख्या एवं अक्षर अनुक्रम, Coding-Decoding, संबंधों से संबंधित समस्याएं, दिशा ज्ञान, तार्किक वेन आरेख, रैंकिंग एवं बैठक व्यवस्था तथा आकृतियों और उनके उपविभाजन से जुड़े प्रश्न शामिल हैं।

आधारभूत संख्यात्मक दक्षता

गणित के हिस्से में अनुपात-समानुपात, साझा, लाभ-हानि और प्रतिशत जैसे सामान्य अंकगणितीय विषय शामिल हैं। इसके अलावा साधारण एवं चक्रवृद्धि ब्याज, समतलीय आकृतियों के परिमाप एवं क्षेत्रफल, आंकड़ों का विश्लेषण और सारणी, दंड-आरेख, रेखीय आलेख तथा पाई-चार्ट से जुड़े प्रश्नों को शामिल किया गया है।

माध्य, गुणोत्तर एवं हरात्मक माध्य, माध्यिका और बहुलक के साथ क्रमचय-संचय तथा सरल प्रायिकता भी पाठ्यक्रम में है।

समसामयिक घटनाएं एवं मुद्दे

RAS Prelims में Current Affairs का हिस्सा भी काफी महत्वपूर्ण है। पाठ्यक्रम में राजस्थान के विशेष संदर्भ के साथ समसामयिक घटनाओं और मुद्दों को शामिल किया गया है। इसमें महत्वपूर्ण व्यक्तित्व एवं स्थान, समकालीन मुद्दे, कल्याण एवं विकास से जुड़ी नई योजनाएं, कार्यक्रम और पहल तथा प्रमुख आर्थिक एवं राजनीतिक घटनाक्रम शामिल हैं।

खेल जगत की महत्वपूर्ण घटनाएं एवं उपलब्धियां, प्रमुख पुरस्कार, प्रकाशन और प्रतिष्ठित लेखकों से संबंधित समसामयिक जानकारी भी तैयार करनी होगी। इसके अलावा राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2022 को भी RAS Prelims syllabus में शामिल किया गया है।

RPSC RAS Syllabus 2026 की तैयारी कैसे करें?

RAS Prelims की तैयारी करते समय पूरे syllabus को विषयवार बांटकर नियमित पढ़ाई और revision पर ध्यान दें।

तैयारी का फोकस क्या करें?
राजस्थान GK इतिहास, कला-संस्कृति, भूगोल, प्रशासन और अर्थव्यवस्था को मजबूत करें।
भारतीय विषय इतिहास, संविधान, भूगोल और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण टॉपिक्स पढ़ें।
Reasoning & Maths नियमित प्रश्नों की practice करें और कमजोर topics पर ज्यादा ध्यान दें।
Current Affairs राजस्थान सहित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समसामयिक घटनाओं को नियमित पढ़ें।
PYQ & Mock Test पिछले वर्षों के प्रश्न हल करें और समय-समय पर mock test दें।
Revision पूरे syllabus को checklist की तरह रखें और पढ़े हुए topics का लगातार revision करें।

Important Links

विवरण लिंक
RAS प्रारंभिक परीक्षा का आधिकारिक सिलेबस Hindi || English
RAS प्रारंभिक परीक्षा के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र PYQ देखें
RPSC Official Website Rpsc.rajasthan.gov.in

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